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राजीव गांधी यूथ
ब्रिगेड
संगठन की सोच
दोनों
हाथ में पकड़ी हुई मशाल संगठन का प्रतीक चिन्ह` है, जो कि
अंधकार विरूध संघर्ष का प्रतीक है। इस चिन्ह द्धारा संगठन अपनी
इस सोच को प्रदर्शित करता है कि वह अपने प्रयासों द्वारा देश
में फैले कट्टरवादी विचारों, सामाजिक विषमता, अशिक्षा, गरीबी,
आतंकवाद आदि रूपी अंधकार को दूर कर राष्ट्र को स्वच्छ व निर्मल
प्रकाश द्धारा रौशन करेगा।
संगठन के कार्य:
राजीव गांधी यूथ
ब्रिगेड
के कार्यों को मूल रूप
से तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है।
१.संगठनात्मक कार्य
२.आंदोलनात्मक कार्य
३.रचनात्मक कार्य
संगठनात्मक
कार्यः-
संगठन
में संगठनात्मक कार्यों के तहत जनवरी से 20 फरवरी तक सदस्यता
अभियान का संचालन, कॉलेज इकाई से लेकर राष्ट्रीय इकाई तक का
गठन संगठन के पदाधिकारीयों के लिए प्रशिक्षण शिविरों का जिला
प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन आदि आते हैं। इसी के तहत
राष्ट्रीय स्तर पर 5 से 21 अगस्त तक जिला अध्यक्षों का
प्रशिक्षण शिविर 'कांग्रेस की प्रेरणा' प्रति वर्ष आयोजित किया जाता है।
आंदोलनात्मक
कार्यः-
युवाओं के मौलिक एवं संवैधानिक
हितो के हनन होने की स्थिति में संगठन अहिंसात्मक व शांतिप्रिय
साधनों द्धारा युवाओं के पक्ष में संघर्ष करता है जिसके
अन्तर्गत धरना, प्रदार्न, रैली, जुलूस अनान आदि शांतिपूर्ण
साधन सम्मिलित है।
रचनात्मक
कार्यः
रचनात्मक
कार्य के तहत संगठन वृक्षारोपण, पयार्वरण व जनसंख्या नियंत्र्ण
के लिए जागृत करने हेतु कार्यक्रम करता है। साथ ही शैक्षिक एवं
समाजिक विषयों पर अध्ययन गोष्टी का आयोजन करना, प्रतिभा सम्मान,
खेल व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, गरीब छात्रें हेतु
किताब व फीस इत्यादि की वियवस्था, रक्तदान जैसे अनेक सामाजिक
एवं शैक्षणिक कार्यों आदि का भी आयोजन किया जाता है।
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